Tuesday, October 26, 2010

यूँ अधूरापन बख़्शे चले जाना

यूँ अधूरापन बख़्शे चले जाना, मुश्किल रहा तो होगा,
दूर अकेलापन, जश्न-ए-दोस्ताना, कुछ दिन खला तो होगा,
और तिलस्मी दुनिया तोड़नेवाला भी कोई दिलजला तो होगा,
हुस्न जोबन शबाब शरारत निगाहें मुस्कान - क्या कुछ नहीं
इन जादुई अस्बाब पर भी कोई मिट चला तो होगा,
तुम्हारे प्यार के फ़लक में परवाज़ का आदि है ज़माना,
लगते ही चोट दिल पे अचानक, कोई गिर पड़ा तो होगा|

- मुश्ताक़

It must've been tough to vanish
After gifting me with insatiation;
Far off, solitude and friendly revelry,
Must have pinched you;
And to break the magical trance
There must've been a spiteful villain too;
Beauty, youth, splendour, mischief, eyes, smiles
- nothing you lack;
Someone must've sacrificed himself
On this magical arsenal too;
The whole world is used soaring
in your love's skies;
With a sudden heartbreak,
Someone may have dropped down too.

- Max

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